पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को प्रयागराज का दौरा करेंगे. रविवार दोपहर 12.30 बजे पीएम का हेलीकॉप्टर प्रयागराज के एक प्राइवेट स्कूल में उतरेगा. यहां से पीएम संगम जाएंगे, जहां वो अक्षय वट और बड़े हनुमान मंदिर में करेंगे पूजा करेंगे.

संगम के बाद पीएम अंदावा पहुंचकर कुम्भ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे विशाल जनसभा को सम्बोधित करेंगे. बता दें कि पांच राज्यों में मिली हार के बाद पीएम मोदी की यह पहली जनसभा होगी. कहा जा रहा है कि पीएम मोदी प्रयागराज की धरती से 2019 को लेकर बड़ा संदेश देंगे. यहां पीएम 3 हजार करोड़ के हो चुके कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिसमें 300 परियोजनाओं का लोकार्पण होगा. इसमें सिविल एयरपोर्ट टर्मिनल और 7 फ्लाईओवर मुख्य हैं.

इसके अलावा पीएम उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाने का दौरा करेंगे. उनका यह दौरा इस लिहाज से काफी अहम है कि भारत की उच्च गुणवत्ता के रेल डिब्बों के विनिर्माण और निर्यात बाजार पर नजर है.

उल्लेखनीय है कि रेलवे ने कुछ महीने पहले ही प्रस्ताव दिया था कि वह ऐसे देशों के लिए बुलेट ट्रेन के डिब्बे बनाने और निर्यात करने को इच्छुक है, जो तेज रफ्तार गलियारे का निर्माण कर रहे हैं. इस कारखाने को लेकर पहले ही कई देश अपनी रूचि दिखा चुके हैं. कोरिया, जापान, जर्मनी, चीन और ताइवान के अधिकारी कारखाने का दौरा कर चुके हैं.

रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि कई देश कम उत्पादन लागत की वजह से भारत का इस्तेमाल विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में कर सकते हैं.

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘माडर्न कोच फैक्टरी (एमसीएफ) में पहली बार पूरे डिब्बे का विनिर्माण रोबोट द्वारा किया गया है. एक किलोमीटर लंबी उत्पादन लाइन में रोबोट को समानांतर तौर पर काम में लगाया गया है, जहां वे डिब्बों पर कुछ-कुछ काम कर रहे हैं. वर्तमान में 70 रोबोट काम में लगे हुए हैं. यह पूरी तरह से मेक इन इंडिया है.’

प्रधानमंत्री के दौरे के बारे में अधिकारी ने कहा, ‘यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है. प्रधानमंत्री का यहां आना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह संदेश जाएगा कि भारत उसके कारखानों में तैयार डिब्बों के निर्यात के लिए प्रतिस्पर्धी बाजार में उतर रहा है.’

इसके अलावा प्रधानमंत्री 16 दिसंबर (रविवार) को ही राष्ट्रीय राजमार्ग 232 के पुनर्निर्मित 133 किलोमीटर लंबे रायबरेली मार्ग को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह मार्ग बुंदेलखंड, चित्रकूट, लखनऊ और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है.

News and Media Source – AajTak

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