Himani Agyani Poems - Gyani kahe na bhay karo

“ज्ञानी” कहे ..न भय करो

"ज्ञानी" कहे ..न भय करो चाहे जग में कुछ होए जो तुम "सब" स्वीकार करो तो भय काहे को होए.... "सत्त" को पहचान लिया पर माने नहीं यह ज्ञान औरों...
Himani Agyani Poems - khyal jab dil ki bhatti me

“ख्याल” जब दिल की भट्टी में उफनने लगे

"ख्याल" जब दिल की भट्टी में उफनने लगे "सांस" तेज आंधी बनने लगे "जूनून" सरहदों को तोड़ने लगे.... "ज्ञानी" अब ज्ञान काम नहीं आएगा अब या तो कोई...
Himani Agyani Poems Gajab hai na meri yaad

गजब है न मेरी याद

गजब है न मेरी याद जब तेरे दिल में उफनती है मुझे सुलगा कर चली जाती है तू लाख कोशिश कर छिपाने की तेरे चेहरे की यह रौनक तुझे...
Himani Agyani Poems - har bar safar ek sa nahi hota

हर बार सफर एक सा नहीं होता

हर बार सफर एक सा नहीं होता कभी राही बदल जाते हैं कभी राहें हर बार दर्द एक सा नहीं होता कभी जख्म बदल जाते हैं कभी...
himani agyani poems - naso me teri yodon ka jahar ghul gaya

नसों में “तेरी” याद का जहर घुल गया

सुना है रे "ज्ञानी".... जो ज्यादा हो जाए "विष" हो जाता है क्यों तू इतना ज्यादा हो गया नसों में "तेरी" याद का जहर घुल गया न "मीरा"...
Himani Agyani Jolly Poems - main aur meri yaden

मैं और मेरी यादें बसती हैं

पत्थरों और जंगलों के दायरे में मैं और मेरी यादें बसती हैं ऊंची इमारतों के शहर में मेरे "ज्ञानी" की रिहाइश है चन्दन तिलक फूल प्रसाद तेरे भक्तों की...
Himani Agyani poems - दिल से दिल की हो बात

Himani “Agyani” Poems – दिल से दिल की हो बात

तीन द्वार से झांक ले "ज्ञानी" तब "शबद" जग में छोड़ प्रथम द्वार पर खुद से पूछ सत्या कितना है इन "बातों" में दूजी दहलीज तब लांघना इस प्रश्न...
Himani Agyani Poems

मुझे नशा तेरी “जुस्तुजू” का है

खाली गिलास किस काम का "ज्ञानी" जो जिस्म में नशा ना उडे़ल सके मुझे नशा तेरी "जुस्तुजू" का है मेरे लिए दुआ करना दोस्तों यह "नशा ऐ जुस्तुजू"...
Himani Jolly Poems, Himani Agyani Poems - 5

तोड़ दे “ज्ञानी” उस आईने को

तोड़ दे "ज्ञानी" उस आईने को जो तुझे रोज एक ही "शख्स" दिखाता है "जमीर" के शीशे में खुद को देख जो हर बार "सच" बताता है... हिमानी...
Himani Jolly Poems, Himani Agyani Poems

“मुझमें बस्ती तेरी बस रही”

जग सारा उतर रहा मुझमें मैं "तुझमें" समाने की जद्दोजहद में बड़ी उलझन है "मौला" ना जमाना हार रहा ना मैंने हार मानी है जाप छाप पीछे छूट रहे छाया...

EDITORIAL

Himani "Agyani"
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